Sri Guru Gobind Singh Ji Ke Birth Day Par Janiye Sikh Dharam Ki Kujh Khaash Batain ?

Janiye Guru Gobind Singh Ji Ke Baare Me Kujh Khaas Batain Janiye ?



सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह का आज 350वीं जयंती है. दूसरे धर्मों की तरह ही सिख धर्म की कुछ खास बातें हैं, कुछ विशेषताएं हैं. सिख धर्म दरअसल, एक एकेश्वरवादी धर्म है और इस धर्म के अनुयायी को सिख कहा जाता है. इस धर्म में दस गुरू हुए. इनके बाद इस धर्म ने गुरु ग्रंथ साहिब को ही अपना गुरु मान लिया. आइये जानते हैं, सिख धर्म और उसके बारे में कुछ रोचक बातें...

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नर्म मार्ग पर ईश्वर को याद 

सिख धर्म के प्रमुख धार्मिक तत्वों में से एक है नर्म मार्ग. दरअसल, नर्म मार्ग प्रतिदिन ईश्वर का स्मरण करने पर जोर देता है. सिख धर्म के अनुसार जिस तरह हम प्रतिदिन खाना खाते हैं, सांस लेते हैं, ठीक उसी तरह प्रतिदिन अपने गुरु या ईश्वर का स्मरण करना भी जरूरी है. 


सामान्य गृहस्थ जीवन 

आपने अन्य धर्मों संयास लेने की बात सुनी होगी, पर सिख धर्म थोड़ा अलग है. इसके प्रमुख तत्वों में से एक है, सामान्य गृहस्थ जीवन को बढ़ावा देना. सिख समाज अंधविश्वासों और संत आदि से दूर रहता है, इसलिए इस धर्म में संन्यासी जीवन को प्रधानता नहीं दी जाती है.


केश कटाने की मनाही 

लंबे केश रखना सिख धर्म में अनिवार्य माना गया है. यह एक सिख को गुरु की तरह बर्ताव करने की याद दिलाता है. लंबे बाल रखने के पीछे कई धार्मिक और वैज्ञानिक पहलू भी हैं. लंबे बाल जहां एक तरफ सिख समुदाय को भीड़ से अलग पहचान दिलाते हैं, वहीं दूसरी तरह लंबे बाल उन्हें कई तरह की बीमारियों से भी बचाते हैं. 

 


स्टील का कड़ा 

सिख पंच ककारों में से एक कड़े को बेहद महत्वपूर्ण समझा जाता है. कड़ा स्टील से बना हाथ में पहनने वाली एक वस्तु होती है. इसे अमूमन बाएं यानी सीधे हाथ में पहना जाता है.


कृपाण है अनिवार्य 

एक सिख को जिन-जिन पांच चीजों को अनिवार्य रूप से धारण करना चाहिए, उनमें से सबसे अहम है कृपाण. वीरता और साहस की निशानी समझे जाने वाले कृपाण को सिख अकसर कमर पर लटकाकर या फिर बैग आदि में रखते हैं. 


गुरबाणी का है बेहद महत्व 

गुरबाणी यानी गुरु की वाणी एक सिख शब्दावली है. गुरु द्वारा दिए गए उपदेशों को गुरबाणी कहा जाता है जिन्हें गुरु ग्रंथ साहिब में संकलित किया गया है. समय के अनुकूल गुरु जी ने जोगियों, पंडितों तथा अन्य संतों के सुधार के लिए बेअंत वाणी की रचना की. गुरबाणी शुद्ध और सात्विक जीवन जीने की दिशा तथा सिद्धांत देती है. गुरबाणी के उपदेश विश्व-व्यापी और अनन्त हैं.


कंघा भी रखते हैं साथ 

सिख धर्म के अनुसार हर खालसा या सिख अपनाने वाले जातक को लकड़ी का बना कंघा अवश्य रखना चाहिए. यह पंच ककारों में से एक माना जाता है.


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Hindi me seekhna Se Aaj Hum Sabhi Ne Sikha Hai Sri Guru Gobind Singh Ke Baare Me Kujh Basic Info Jo Hum Sabhi Ko Jaroor Pta Hona Chahiye,


4 Responses to "Sri Guru Gobind Singh Ji Ke Birth Day Par Janiye Sikh Dharam Ki Kujh Khaash Batain ?"

  1. waheguru ji ka khalsa waheguru ji ke fateh thank u sir info dene ke liye i love ur info for me

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    1. Thank You Aap Daily Visitor Hai Ish Website Ke Aise Hi Hamare Saath Jude Rahe

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  2. nice ur all post Sir Mujhe Bohut Kujh Daily Seekhne Ko milta hai

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    1. Thank You Kulwinder ji Daily Visit Karte Rahiye Ga......

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